12वी के बाद यह करे और बनाये अपने करियर को सुनहरा।

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डॉक्टरों से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं पैरामेडिकल स्टाफ:

पैरामेडिकल स्टाफ की अगर बात करें, तो जिस तरह से एक मां अपने बच्चों की देखभाल करती है, ठीक उसी तरह से एक नर्स भी काम करती हैं. फर्क बस इतना है, कि इन्हें मां की जगह सिस्टर का नाम दिया जाता ह। लेकिन आज नर्सें जीवनदायिनी की भूमिका निभा रही है. ये नर्सें मरीज के शारीरिक कष्ट को तो समझती है ही, साथ ही इन्हें मानसिक रूप से भी बीमारी से लड़ने की शक्ति देती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी मरीज के ठीक होने में डॉक्टर की भूमिका सिर्फ 40 प्रतिशत होती है, जबकि नर्सों का योगदान किसी भी मरीज को ठीक करने में 60 फीसदी होती है, जो कि डॉक्टर से कई ज्यादा है।

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2018 तक भारत में 10 लाख से ज्यादा स्टाफ की मांग:

आज के समय में हेल्थकेयर सेंटरों का जिस तरह से विकास हो रहा है, उसके मुताबिक एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि सिर्फ भारत में साल 2018 तक करीब 10 लाख पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत पड़ने वाली है. मतलब कि इस क्षेत्र में आने वाले समय में असीम संभावनाएं है. जहां पैरामेडिकल स्टाफ बनने का सपना देख रहे युवा और युवतियों के लिए अपना करियर बनाने की अच्छा अवसर है।

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विदेशों में भारतीय पैरामेडिकल स्टाफ की मांग हुई दोगुनी:

जिस तरह से हेल्थ सेक्टर का नेटवर्क तेजी से बढ़ता जा रहा है, उसके कारण ना सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में पैरामेडिकल स्टाफों की मांग लगातार बढ़ रही है. अकेले भारत में ही एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगले साल तक भारत में करीब 10 लाख से भी ज्यादा पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत है। वहीं अगर विदेशों की बात करें तो एक आंकड़े के मुताबिक पूरे विश्व में सिर्फ भारत के ही करीब 23 प्रतिशत पैरामेडिकल स्टाफ हैं. वहीं आकड़ों पर अगर गौर करें तो आने वाले समय में ये आंकड़ा दोगुना होने वाला है. यानि कि 2019 तक पूरे विश्व में सिर्फ भारत के पैरामेडिकल स्टाफों की मांग 40 फीसदी से ज्यादा बढ़ने की संभावना है। यूरोपीय देश हो या फिर ऑस्ट्रेलिया, यहां भारतीय पैरामेडिकल स्टाफों की सबसे ज्यादा मांग है. सिर्फ ब्रिटेन नेशनल हेल्थ सर्विस ही हर वर्ष एक हजार से ज्यादा सिर्फ भारतीय पैरामेडिकल स्टाफ को भर्ती करता है।

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12वीं और ग्रेजुएशन पास भी कर सकते हैं पैरामेडिकल कोर्स:

अगर आप इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो आप 10वीं या फिर 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद बी आप इस सेक्टर के कई कोर्स करके आप अपना करियर बना सकते हैं। अगर इसमें वेतन की बात करें तो इस क्षेत्र में काम करने वाले युवा या युवतियों को शुरुआती दौर में ही 15 हजार तक मिलते हैं. वहीं अगर आप सरकारी अस्पतालों में काम करते हैं, तो आप की मासिक सैलरी 35000 रुपये तक होती है. वहीं अगर आप विदेशों में काम करने जाते हैं तो आपको भारतीय करेंसी के हिसाब में करीब 1 लाख 25 हजार रुपये तक की अच्छी खासी मोटी सैलरी मिलती है. वहीं जैसे-जैसे आपका अनुभव बढेगा आपकी सैलरी में भी बढ़ोतरी होती जाएगी।

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सुनहरे भविष्य के लिए सही मार्गदर्शन जरूरी:

पैरामेडिकल के क्षेत्र में डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट और सर्टिफिकेट कई तरह के कोर्स होते हैं. अक्सर युवाओं को 10वीं या 12वीं पास होने के बाद आगे क्या करना है, इसे लेकर चिंता सताने लगती है. सही मार्गदर्शन होने के कारण कई युवा सही दिशा में आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन आज भी लाखों की संख्या में ऐसे छात्र होते हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शक नहीं मिलने के कारण ऐसे क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने निकल पड़ते हैं. जहां ना तो वो काम करने के इच्छुक होते हैं, ना ही वहां उनका भविष्य बन पाता है, जिसके कारण पूरी जिंदगी संघर्ष में ही बीत जाती है। ऐसे युवाओं के लिए सबसे पहले तो ये निश्चय करना होता है कि उन्हें करना क्या होता है. अगर वो मेडिकल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।

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डी.पी.ऍम.आई. तैयार कर रहा बेस्ट पैरामेडिकल प्रोफेशनल्स:

वैसे तो देश में कई पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट और कॉलेज हैं. जहां आप एडमिशन ले सकते हैं. लेकिन इसमें भी एक सबसे बड़ी समस्या होती है पैसों की. कई बार छात्र इस क्षेत्र में काम करने के इच्छुक तो होते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपना मन मारकर अपने पैर पीछे कर लेते हैं. ऐसे युवाओं को मायूस होने जरूरत बिल्कुल नहीं है और ना ही आपको अपने राज्य को छोड़कर किसी और राज्य में अपनों से दूर जाने की जरूरत है. आप अपने ही राज्य में रहकर पैरामेडिकल की तैयारी कर सकते हैं. वो भी वेहद की कम फीस पर। डीपीएमआई यानि दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, एक ऐसा नाम है जो कि आज के समय में पैरामेडिकल के क्षेत्र में अपनी एक पहचान बना चुका है। पिछले 21 सालों से ज्यादा समय से ये इंस्टीट्यूट पैरामेडिकल के क्षेत्र में उच्च कोटी की शिक्षा दे रहा है. यहां से अलग-अलग तरह के पैरामेडिकल के कोर्सेज को करके आप भी देश या फिर विदेशों में प्रतिष्ठित अस्पतालों में नामी गिरामी डॉक्टर्स के साथ काम करके अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हैं।

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सरकारी नौकरी चाहिये, तो चुने ये आसान राह

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देश में सबसे बड़ा मुद्दा भले ही बेरोजगारी बना होलेकिन देश में कुछ ऐसे क्षेत्र हैंजहां आप सरकारी नौकरी पा सकते हैं। जी हां देश हो या दुनिया, मेडिकल के स्टूडेंट के लिये नौकरी की राह सबसे आसान है।

अगर किसी मेडिकल स्टूडेंट को सरकारी नौकरी मिल जाये तो क्या कहने हैं?

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हम आपको बताने जा रहे हैं पैरामेडिकल से जुड़े कुछ ऐसे कोर्सजिन्हें करके आप सरकारी नौकरी पा सकते हैं।

लैब टेक्नीशियनऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियनएक्स रे टेक्नीशियन आदि जैसे पैरामेडिकल कोर्स करके आप आसानी से सरकारी नौकरी पा सकते हैं। आपको बता देंकि देश के कई बड़े और सरकारी अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ की बेहद जरूरत हैइसलिये ये आपके लिये एक सुनहेरा अवसर हैजिससे आप अपनी जिंदगी बदल सकते हैं।

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आपको जानकर हैरानी होगी किदुनिया में सबसे ज्यादा जरूरत पैरामेडिकल के स्टाफ की हैइसलिये विदेशी अस्पताल भारत में पैरामेडिकल के स्टाफ की खोज करते रहते हैंक्योकि भारत में पैरामेडिकल की सबसे बड़ी जॉब मार्कट है। पैरामेडिकल में सरकारी नौकरी पाने के लिये आपको सबसे ज्यादा जरूरत है सर्टिफिकेट कीजिसके बिना किसी भी क्षेत्र में नौकरी पाना बेहद मुश्किल होता है और ऐसे ही पैरामेडिकल के क्षेत्र में भी है। 

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यही कारण है कई लोग इसलिये पीछे रह जाते हैंक्योंकि उनके पास कोई ऐसा हथियार नहीं होताजिसके सहारे वो ये साबित कर सके कि वो भी इस कॉम्पिटिशन की दुनिया का हिस्सा है। इसलिये हम आपको पैरामेडिकल के सर्टिफिकेट देने वाले इंस्टिट्यूट के बारे में बताने जा रहे हैंजो बेहद कम फीस में आपको डिप्लोमाडिग्री और सर्टिफिकेट देता है। यहां से कोर्स करने के बाद आप देश-विदेशों में वो नौकरियां पा सकते हैंजो सिर्फ पैरामेडिकल के स्टाफ का इंतजार कर रही हैं। दिल्ली के न्यू अशोक नगर में दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट हैजहां से हर साल हजारों बच्चे पैरामेडिकल की शिक्षा लेकर देश से लेकर विदेशों के अस्पतालों में काम कर रहे हैं। अगर आप भी सरकारी नौकरी ढूंढ रहे हैं और साथ ही आपका मेडिकल की दुनिया में आने का मन हो तोआप दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट से अपनी प्रतिभा निखार सकते हैंक्योंकि इस संस्थान में आपको वो सारे मौके मिलेंगे जो आपको निखार देंगे। आप पैरामेडिकल का कोई भी कोर्स इस संस्थान की किसी भी शाखा से कर सकते हैं। आपको बता देंकि डीपीएमआई की शाखाएं देश के हर राज्य में खुली हैजहां जाकर आप अपने सपनों को उड़ान दे सकते हैं।

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12वी के बाद यह करे और बनाये अपने करियर को सुनहरा।

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डॉक्टरों से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं पैरामेडिकल स्टाफ:

पैरामेडिकल स्टाफ की अगर बात करें, तो जिस तरह से एक मां अपने बच्चों की देखभाल करती है, ठीक उसी तरह से एक नर्स भी काम करती हैं. फर्क बस इतना है, कि इन्हें मां की जगह सिस्टर का नाम दिया जाता ह। लेकिन आज नर्सें जीवनदायिनी की भूमिका निभा रही है. ये नर्सें मरीज के शारीरिक कष्ट को तो समझती है ही, साथ ही इन्हें मानसिक रूप से भी बीमारी से लड़ने की शक्ति देती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी मरीज के ठीक होने में डॉक्टर की भूमिका सिर्फ 40 प्रतिशत होती है, जबकि नर्सों का योगदान किसी भी मरीज को ठीक करने में 60 फीसदी होती है, जो कि डॉक्टर से कई ज्यादा है।

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2018 तक भारत में 10 लाख से ज्यादा स्टाफ की मांग:

आज के समय में हेल्थकेयर सेंटरों का जिस तरह से विकास हो रहा है, उसके मुताबिक एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि सिर्फ भारत में साल 2018 तक करीब 10 लाख पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत पड़ने वाली है. मतलब कि इस क्षेत्र में आने वाले समय में असीम संभावनाएं है. जहां पैरामेडिकल स्टाफ बनने का सपना देख रहे युवा और युवतियों के लिए अपना करियर बनाने की अच्छा अवसर है।

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विदेशों में भारतीय पैरामेडिकल स्टाफ की मांग हुई दोगुनी:

जिस तरह से हेल्थ सेक्टर का नेटवर्क तेजी से बढ़ता जा रहा है, उसके कारण ना सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में पैरामेडिकल स्टाफों की मांग लगातार बढ़ रही है. अकेले भारत में ही एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगले साल तक भारत में करीब 10 लाख से भी ज्यादा पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत है। वहीं अगर विदेशों की बात करें तो एक आंकड़े के मुताबिक पूरे विश्व में सिर्फ भारत के ही करीब 23 प्रतिशत पैरामेडिकल स्टाफ हैं. वहीं आकड़ों पर अगर गौर करें तो आने वाले समय में ये आंकड़ा दोगुना होने वाला है. यानि कि 2019 तक पूरे विश्व में सिर्फ भारत के पैरामेडिकल स्टाफों की मांग 40 फीसदी से ज्यादा बढ़ने की संभावना है। यूरोपीय देश हो या फिर ऑस्ट्रेलिया, यहां भारतीय पैरामेडिकल स्टाफों की सबसे ज्यादा मांग है. सिर्फ ब्रिटेन नेशनल हेल्थ सर्विस ही हर वर्ष एक हजार से ज्यादा सिर्फ भारतीय पैरामेडिकल स्टाफ को भर्ती करता है।

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12वीं और ग्रेजुएशन पास भी कर सकते हैं पैरामेडिकल कोर्स:

अगर आप इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो आप 10वीं या फिर 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद बी आप इस सेक्टर के कई कोर्स करके आप अपना करियर बना सकते हैं। अगर इसमें वेतन की बात करें तो इस क्षेत्र में काम करने वाले युवा या युवतियों को शुरुआती दौर में ही 15 हजार तक मिलते हैं. वहीं अगर आप सरकारी अस्पतालों में काम करते हैं, तो आप की मासिक सैलरी 35000 रुपये तक होती है. वहीं अगर आप विदेशों में काम करने जाते हैं तो आपको भारतीय करेंसी के हिसाब में करीब 1 लाख 25 हजार रुपये तक की अच्छी खासी मोटी सैलरी मिलती है. वहीं जैसे-जैसे आपका अनुभव बढेगा आपकी सैलरी में भी बढ़ोतरी होती जाएगी।

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सुनहरे भविष्य के लिए सही मार्गदर्शन जरूरी:

पैरामेडिकल के क्षेत्र में डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट और सर्टिफिकेट कई तरह के कोर्स होते हैं. अक्सर युवाओं को 10वीं या 12वीं पास होने के बाद आगे क्या करना है, इसे लेकर चिंता सताने लगती है. सही मार्गदर्शन होने के कारण कई युवा सही दिशा में आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन आज भी लाखों की संख्या में ऐसे छात्र होते हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शक नहीं मिलने के कारण ऐसे क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने निकल पड़ते हैं. जहां ना तो वो काम करने के इच्छुक होते हैं, ना ही वहां उनका भविष्य बन पाता है, जिसके कारण पूरी जिंदगी संघर्ष में ही बीत जाती है। ऐसे युवाओं के लिए सबसे पहले तो ये निश्चय करना होता है कि उन्हें करना क्या होता है. अगर वो मेडिकल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।

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वैसे तो देश में कई पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट और कॉलेज हैं. जहां आप एडमिशन ले सकते हैं. लेकिन इसमें भी एक सबसे बड़ी समस्या होती है पैसों की. कई बार छात्र इस क्षेत्र में काम करने के इच्छुक तो होते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपना मन मारकर अपने पैर पीछे कर लेते हैं. ऐसे युवाओं को मायूस होने जरूरत बिल्कुल नहीं है और ना ही आपको अपने राज्य को छोड़कर किसी और राज्य में अपनों से दूर जाने की जरूरत है. आप अपने ही राज्य में रहकर पैरामेडिकल की तैयारी कर सकते हैं. वो भी वेहद की कम फीस पर। डीपीएमआई यानि दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, एक ऐसा नाम है जो कि आज के समय में पैरामेडिकल के क्षेत्र में अपनी एक पहचान बना चुका है। पिछले 21 सालों से ज्यादा समय से ये इंस्टीट्यूट पैरामेडिकल के क्षेत्र में उच्च कोटी की शिक्षा दे रहा है. यहां से अलग-अलग तरह के पैरामेडिकल के कोर्सेज को करके आप भी देश या फिर विदेशों में प्रतिष्ठित अस्पतालों में नामी गिरामी डॉक्टर्स के साथ काम करके अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हैं।

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क्या आपको भी जॉब इन्सेक्युरिटी है? ऐसे करे अपने जॉब को सुरक्षित।

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यह बहुत बड़ी हकीकत है कि, कोई भी व्यक्ति जॉब को लेकर सिक्योर नहीं होता है। दुनिया के हर पेशे में लोग हमेशा सर्वाइव करने का तरीका ढूंढते रहते हैं। अगर आपके हिसाब से सेवा उपलब्ध न हो, तो तुरंत आपको बाहर कर दिया जाता है। अगर आप ऑर्गेनाइजेशन को काफी वैल्यू दे रहे हैं और सेवा के लिए उपलब्ध हैंतो आपको हटाने के लिए उन्हें सोचना पड़ेगासाथ ही अगर किसी भी संस्था को आपसे बेहतर विकल्प मिल गया है तो वो आपको निकालते हुए एक बार नहीं सोचेगी। ऐसा ही पैरामेडिकल की दुनिया में भी है। पैरामेडिकल की क्षेत्र में जितनी आसानी और जल्दी नौकरी मिलती है। उतनी ही आसानी से आपकी नौकरी जा भी सकती है। मेडिकल लाइन में आपकी नौकरी पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।

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आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिन्हे, अपनाकर आप आपनी नौकरी बचा सकते है।

1.पैरामेडिकल हो या दुनिया की कोई भी नौकरी हो

अगर आप अपने काम के प्रति वफादार और सजग नहीं हैं, तो आपकी नौकरी पर हमेशा खतरा मंडराता रहेगा। पैरामेडिकल के क्षेत्र में अगर आप जमकर पैसा कमाना चाहते हैं तो आपको रोज अपने आप को निखारना पड़ेगा साथ ही उन सभी चीजों को सीखना पड़ेगा, जो आपको मोटी सेलरी के साथ आपकी नौकरी भी सुरक्षित रख सकें।

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2. पैरामेडिकल के क्षेत्र में एक अच्छे व्यवहार की बेहद जरूरत होती है।

आपके अंदर धैर्य होना भी बेहद जरूरी होता है, इसलिये पैरामेडिक स्टाफ का ऐसा नेचर होना चाहिये, जिससे वो मरीजों से अच्छी तरह से घुल मिल सके और उन्हें इस बात का विश्वास दिला सके किउनकी बीमारी इतनी बडि नहीं है जितना वो समझ रहे हैं। विदेशों में पैरामेडिक स्टाफ सबसे ज्यादा भारतीय होता है। उन्हें ये बात अच्छे से पता होती है किभारतीयों के अंदर दयाभाव होता है। इसी भावना के चलते उन्हें विदेशों में जाने के अवसर मिलते हैं।

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3. पैरामेडिकल स्टाफ का नेचर ऐसा होना चाहिये

जिससे वो हर व्यकित के साथ जुड़ सके और उन्हें समझ सके। पैरामेडिकल का ये ही नेचर उन्हें आगे तक पहुंचाता था। बिना किसी से भेदभाव के मरीज के साथ अच्छे से रहना, बीमार लोगों को आधी राहत तो ऐसे ही दे देता है।

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4. कमजोरियों पर काबू पाकर आप दुनिया की कोई भी चीज पा सकते हैं

इसलिये हमेशा पैरामेडिक स्टाफ को अपनी कमजोरियों पर काम करना चाहिये, ताकि वो एक मरीज का बेहतर इलाज कर सकें। साथ ही अपनी नौकरी को भी बचा सकें, क्योंकि एक अच्छा व्यावहार हमेशा मुसीबतों से बाहर निकालता है।

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5. किसी भी स्थिति में मेडिकल स्टाफ को हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिये।

उनका ये ही व्यवहार उन्हें आगे बढ़ाता है और बीमार लोगों को राहत देता है। पैरामेडिकल स्टाफ को माहौल के हिसाब से ढलना आना चाहिये।

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6. डॉक्टर को हमेशा भगवान के बाद दूसरा दर्जा दिया जाता है

इसलिये एक डॉक्टर से लेकर उसके पैरामेडिकल स्टाफ में अपने मरीज को सुनने की क्षमता होनी चाहिए, तकि वो उनकी परेशानियों को सुन सके और उन्हें मानसिक राहत के साथ शारीरिक राहत भी दे सकें।

अगर आप मेडिकल के क्षेत्र में इन सभी बिन्दुओं पर खरें उतरते हैं, तो आपकी नौकरी भी सुरक्षित है और आपका भविष्य भी सुरक्षित होगा।

Life as Paramedical Technician

“It is extremely rewarding to make a positive contribution towards the community”

he mere idea of helping people in need is overwhelming. Paramedical science gives you an insight and a way to make a move towards helping people. Paramedic isn’t just about rescuing people (as it is a common notion of people) in an emergency but also includes an array of different working functions. A paramedic performs various Advanced Life Support (ALS) functions, which includes providing cardiac support, administration of medications and dealing with respiratory trauma. It is indeed a challenging job to perform, but it has its own positive outcomes.

Delhi Paramedical and Management Institute has emerged as one of the best paramedical colleges in Bihar . As mentioned earlier, a paramedical career includes a lot more than rushing at the time of emergency. It includes various technology programs such as medical lab technology, operation theatre technology, radio imaging technology, electrocardiogram technology and much more. These four technologies are different from each other to a large extent. Let’s have a quick overview of these courses and technologies.

1. Medical Lab Technology: Medical Laboratory Technology involves the diagnosis, treatment, and prevention of diseases through the clinical laboratory tests. This course offers a career in a hospital, minor emergency centers, private laboratory, blood donor centers and doctors clinics. DPMI provides an adequate number of well-equipped laboratories with modern equipment that makes the training process under the guidance of highly qualified professionals with modern techniques.

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2. Operation Theatre Technology: Operating theatre technicians are an essential part of the operation unit and work with surgeons, anesthetists, and nurses to ensure the safest operation procedure. The successful outcome of the surgical process relies not only on the doctors and nurses but also on technical capacity and alertness of operation theatre technicians. DPMI prepares the students mentally to support the patients emotionally and make the process of surgery-free from any added stress.

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3. Radio Imaging Technology: Radiography is fully concerned with operating radio imaging machines like X-ray and interpreting the results. It also involves treatment of major ailments like cancers and tumors with radiation. Radiographers are required in huge numbers in nursing homes, hospitals, diagnostic centers and super specialty hospitals. DPMI offers highly sophisticated equipment, experienced and talented educators and world-class laboratories to ensure comprehensive teaching with a safe environment.

मेडिकल के क्षेत्र में रीढ़ की हड्डी है पैरामेडिकल साइंस

मेडिकल के क्षेत्र में रीढ़ की हड्डी है पैरामेडिकल साइंस"

पैरा मेडिकल साइंस, मेडिकल साइंस की एक अहम शाखा के रूप में अपनी जगह बना चुकी है। कैंसर, टीबी, एड्स, हैपेटाइटिस जैसी खतरनाक बीमारियां पूरे विश्व में लाखों लोगों की सेहत को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में चिकित्सा से जुड़ी सेवाओं की बड़े स्तर पर मांग की जा रही है, जहां पैरामेडिकल साइंस कोर्स मेडिकल फील्ड में उपलब्ध इन अवसरों को अपने नाम करने की काबिलियत प्रदान करते हैं। पैरा मेडिकल सर्विसेज किसी भी हेल्थकेयर इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। हेल्थकेयर इंडस्ट्री में हो रहे विस्तार ने प्रशिक्षित पैरामेडिकल प्रोफेशनल्स यानी पैरामेडिक के लिए नौकरियों के कई अवसर खोल दिए हैं। पैरा मेडिकल साइंस में मुख्य रूप से फिजियोथेरेपी, फार्मेसी, रेडियोग्राफी, मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजी, नर्सिंग, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, डेंटल हाइजीन डेंटल मेकैनिक्स, ऑप्टोमेट्री जैसे कई फील्ड शामिल हैं और इसी सिलसिले में अब कई जॉब ओरिएंटेड डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज शुरू किए जा चुके हैं। दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट की प्रिंसिपल डॉ. अरुणा सिंह के मुताबिक अगले 5 वर्षों में 22 प्रतिशत तक हेल्थकेयर मैनेजमेंट में रोजगार बढ़ने की संभावनाएं हैं।

पैरामेडिकल के हॉट सेक्टर: ऐसे तो इस फील्ड में कई ऐसे सेक्टर्स है जिसमे जिसमे युवा खासा करियर बना सकते हैं पर कुछ सेक्टर्स ऐसे भी हैं जो इस क्षेत्र में हॉट सेक्टर्स माने जाते हैं जैसे रेडियोग्राफी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट, जिनकी डिमांड देश ही नही विदेशों में भी खूब है।   

सर्वेक्षण के मुताबिक : एनएसडीसी के मुताबिक 2022 तक भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर में 74 लाख वर्कफोर्स की जरूरत होगी। ग्रेजुएट से लेकर एमबीबीएस, बी फार्मा व स्पेशलाइज्ड डिग्री इन पैरामेडिकल साइंस होल्डर्स के लिए आने वाले सालों में यहां अच्छे मौके होंगे। उल्लेखनीय है कि अलग -अलग मेडिकल सर्विसेज में 11 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स जैसे नर्सिंग एसोसिएट्स, मेडिकल असिस्टेंट्स, मेडिकल इक्विपमेंट ऑपरेटर्स, फिजियोथैरेपिस्ट, डायटीशियन व डेंटल असिस्टेंट्स शामिल हैं। ये भी वर्तमान जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि इस सेक्टर में बड़ी संख्या में पेशेवरों की मांग है। 

हेल्थकेयर के अलग-अलग हिस्सों में अवसर: अगर हॉस्पिटल्स की बात करें तो देश भर में 20,000 से ज्यादा सरकारी अस्पताल हैं। इसके अलावा 5400 करोड़ डॉलर के प्राइवेट हॉस्पिटल मार्केट ने इसे मजबूत सेग्मेंट बनाया है। हालांकि स्किल्ड प्रोफेशनल्स की कमी इस क्षेत्र की एक बड़ी समस्या है। भारत में प्रति 1700 लोगों पर एक डॉक्टर है जबकि डब्ल्यूएचओ के मुताबिक यह अनुपात 1:1000 है। पीडब्ल्यूसी स्टडी के अनुसार, भारत में 30 लाख डॉक्टर्स व 60 लाख नर्सों की कमी है। इसके अलावा 2012 की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में 64 लाख एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की कमी है। निश्चित तौर पर आने वाले सालों में क्वालिफाइड फिजिशियंस, नर्स, पैरामेडिक्स स्टाफ के लिए बेहतर अवसर पैदा होंगे।

डायग्नोस्टिक्स इंडस्ट्री में पैथोलॉजी व इमेजिंग सेंटर्स के साथ मौजूदा डायग्नोस्टिक इंडस्ट्री का आकार 800 करोड़ डॉलर है। देश में लगभग 1 लाख लैबोरेट्री हैं। इनमें से 70 प्रतिशत पैथोलॉजी व 36 प्रतिशत रेडियोलॉजी व इमेजिंग सर्विसेज दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि बड़ी लैब्स हर दिन 2 हजार से  3 हजार टेस्ट करती हैं। ऐसे में बायोकेमिस्ट्री, हिमेटोलॉजी, इम्यूनोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी से जुड़ी पढ़ाई काम के मौके दे सकती है।

Career in Radio Imaging (X- Ray) Technology

“The field of radiology incorporates a wide range of digital imaging technologies and provides many different career opportunities."

Have you ever notice those guys in hospital gowns who escort patients for an X-Ray CT-Scan or Chemotherapy? They are the one who operates the machine for you and later interprets the results for doctors. The word used for them are Radiographers. Radiographers, also known as radiologic technologists, are certified technicians who capture images of organs, bone, and tissue for patient diagnosis. Radiographers are equipped with the technological skills to handle imaging equipment and the interpersonal skills necessary for patient care. Educational and licensure requirements vary by state and profession, through completion of a certificate or 2-year degree program is common for radiologic technologists. Now India’s healthcare sector on a growth trajectory, the career opportunities for such allied healthcare workers with expertise in diagnostic science have never been better. Services of diagnostic professionals can be essential for medical treatments and their demand is on the rise.

Nature of Work

Radiologic technologists perform medical imaging exams and administer radiation therapy treatments. With the help of various imaging technologies, these professionals take pictures of a patient’s body for radiologists, who will then interpret the images. Radiologic technologists often specialize in a particular examination technique, such as mammography or bone densitometry. These professionals can also assist oncology teams in delivering radiation therapy to cancer patients. Radiology technicians work in hospitals, clinics, imaging centers, private physician offices or even mobile imaging service centers. While hospitals remain the leading job providers, they also tend to be much busier than outpatient settings. A radiology technician typically works a standard 40-hour week, but some positions require on-call night or weekend work.

Career opportunity

DPMI Principal Dr. Aruna Singh says, a career in radiologic technology can lead in many directions. Radiologic technologists are needed in every healthcare setting. You could work in a large hospital, a suburban outpatient clinic or a rural physician’s office. You could specialize in dozens of clinical areas ranging from prenatal care to orthopedics. You could manage an entire radiology department, including its budget and personnel. You could teach, inspiring new generations of radiologic technologists, or you could perform research that leads to breakthroughs in diagnostic imaging or radiation therapy. With additional education, you could become a radiologist assistant, expanding your capabilities by serving as a radiologist extender. The boundaries of your career in radiologic technology are determined only by your own abilities and interests.

Necessary Skills and Qualities

Good communication skills, a focus on detail, and careful attention to the procedure are essential to success as a radiology technician. Physical strength is needed to position patients, and at times, to lift them onto examination tables. As with healthcare professionals in general, empathy, cultural sensitivity, and high ethical standards are necessary as well.

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Course and Eligibility

The curriculum for radiologic technology and related programs includes coursework as well as a series of supervised clinical exercises where students learn how to position patients and perform procedures. A background check, immunizations, and a physical examination may be required prior to entering these programs. Applicants can pursue Certificate courses, diploma courses, as well as bachelor’s course in the field of radiology. Duration of the Diploma course is 2 years, eligibility is 10+2 preferably with Physics, Chemistry and Biology/Math or equivalent in any stream from a recognized board or university.

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Remuneration

A career in radiography can be very promising. In India, the average starting salary of a radiographer ranges between Rs.7, 000 – Rs.10, 000 per month in government/private hospitals. However, earnings are more in private practice as compared to salaried jobs. A large aging population in need of imaging to diagnose and treat medical conditions should keep demand strong for radiologic technologists. The Bureau of Labor Statistics predicts employment growth of about 9 percent between 2014 and 2024 for this profession, and 17,200 new positions will need to be filled.

Opportunities are also there in Gulf countries and the Middle East countries. In these countries, radiographers get salaries between Rs.30, 000 – Rs.50, 000 per month. In the UK, the average starting salary of a newly qualified Radiographer is around £17,000 per year which is much more than what it is in India. You can study at Delhi based Delhi Paramedical and Management Institute for the certificate and diploma course in radio imaging technology

6 Reasons to pursue a Career as Medical Lab Technician

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Who exactly are Medical Lab Technicians (MLT) ?

Medical laboratory technicians help physicians and doctors in the diagnosis and treatment of multiple diseases like Cancer, Diabetes, AIDS, etc by performing tests on tissue, blood and other body fluids. Medical lab technicians usually work in hospitals, clinics, pathology labs and offices of doctors.
Along with such a wonderful job description there are 6 benefits of pursuing a career as a Medical Lab Technician. Read on to know more.

Multiple Work Opportunities

Once you get a degree in Lab Tech Sciences, you expose yourself to a vast ocean of opportunities. A MLT can work in Hospitals, Pathology Labs, Diagnostic Labs, Blood and Organ Banks, Research Facilities, Medical Equipment Sales Companies and many more such fields.

Scope For Future Specialization

paramedic staff course

Once a person becomes a MLT, it doesn’t stop for him/her there itself. They can further specialise in specific various fields to open up many opportunities for them on the professional front. Some of the fields to specialise in are:

a) Microbiology
b) Blood Banking
c) Immunology
d) Clinical Chemistry
e) Molecular Biology

Growing Need in the Industry

  • With the onset of multiple and complicated diseases growing in the world, there is a constant need of trained paramedics like MLT. All over the world, trained technicians are needed throughout the industry.The industry is growing almost at a rate of 18% annually. There is an annual demand of almost 35 Lakh trained personnels. 

Handsome Salary Package

  • As stated before, with the increasing demand of skilled professionals in the medical industry, the salary package available to moderately skilled people is also pretty decent. Once a person gets his qualification as a Medical Lab Technician, he/she can easily expect a starting salary anywhere between Rs 18000 – 22000. 

Opportunity to work Abroad

  • A person, once trained as a MLT can easily find career opportunities abroad as well. The international medical industry also has a huge demand for paramedical personnels like Medical Lab Technicians. The upside is that abroad, the salary package is even better and the work environment can be considered better. 
  • You’re Doing Goodwill. Lastly, if you’re pursuing a career as a MLT, you are automatically doing a good deed for the society as you’re helping people to be happy. The diagnosis and treatments that MLTs assist in are often beneficial for the patient. So you feel good because what you are doing for the society is something that needs constant appreciation.

DPMI is one such institute which trains students in various Paramedical Programs, out of which DMLT is one such program. So, if you’re considering a career option, do keep this in mind while deciding what you do with your life. You should eventually love what you do.

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